My Life In Paintings

My Life In Paintings




" Art is not only my life but its also my wife ".......

जी हाँ, कला का मेरी ज़िंदगी में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है ........ खासतौर पर यदि चित्रकला की बात की जाए तो बचपन से ही इसकी ओर मेरा गहरा झुकाव था. ....... आज पेशे से मैं, एक इंटीरियर डिज़ायनर हूँ ...... और पूरी कोशिश करता हूँ कि अपने क्लाइंट्स की आवश्यकताओं के अनुसार उनके लिविंग स्पेस को एक बेहतरीन कलात्मक परिवेश में ढाल सकूँ........ मेरे अनुसार किसी स्थान के वातावरण को खूबसूरत व सजीव बनाने के लिये कलात्मक वस्तुओं की अहम भूमिका होती है. फिर चाहे वो पेंटिंग्स हों, आर्टिफेक्ट्स , मूर्तियाँ, फर्नीचर आदि पर की गई नक्काशी या डेकोरेटिव फिक्सचर्स  एवं फिटिंग्स आदि हों........ कुल मिलाकर इस बात में तनिक भी  संदेह नहीं कि 'कला' हमारे आसपास के वातावरण को जीवंत करती है, खुशियाँ बिखेरती है........ कला के बिना एक खूबसूरत जीवन व जीवन शैली की कल्पना करना भी असंभव है........खूबसूरत ज़िंदगी का आधार 'कला' ही है.

मेरी ज़िंदगी भी कलात्मक वातावरण से घिरी हुई है........मुझे विभिन्न कलाओं जैसे चित्रकारी, फोटोग्राफी, लेखन व संगीत में बेहद दिलचस्पी है........मेरे कैरियर की शुरुआत दिल्ली की एक प्रतिष्ठित कंपनी में बतौर इंटीरियर डिज़ायनर के रुप में हुई ........ पहली नौकरी........पहली सैलरी........ पहला बॉस........पहला प्रॉजेक्ट........इन खूबसूरत यादों को , पलों को , वक़्त को मैं, अपनी मुट्ठी में कैद करना चाहता था. पर वक़्त को भला कौन बाँध पाया है........वक़्त तो गतिशील है. अत: अपनी ज़िंदगी के इन अनमोल पलों को संजो कर रखने के लिये मैंने एक रास्ता निकाला........जब भी कोई पल मेरे लिये कुछ खास सा होता, मैं तुरंत अपने मोबाइल कैमरे द्वारा उस समय, उस वातावरण  को कैपचर कर लेता ........यह प्रक्रिया सालों साल चलती रही.

आज मैं, फ्रीलॉन्स डिज़ायनर के तौर पर सक्रिय हूँ व '10 -6 टाइमिंग' वाली जॉब से मुक्त हूँ........तो अपने लिये कुछ समय निकाल पाने में खुद को समर्थ महसूस करता हूँ और  कभी- कभी जब काम का भार कुछ कम होता है तब , चाय की चुसकियों के साथ अंधेरे कमरे में तन्हा मैं, मेरा लैपटॉप और मेरे प्यारे चाय के प्याले के साथ देर रात तक उन खास पलों को याद करता हूँ ........इससे मुझे एक Satisfaction मिलता है ........कि ईश्वर की कृ्पा से ज़िंदगी के अभी तक के सफर में जो पाया, जो कार्य किये ........वे सब उचित थे........पीछे मुड़ के अपनी ही ज़िंदगी के सफर को देखता हूँ तो बेहद आत्म संतुष्टि होती है........
ऐसे में एक दिन अचानक मन में विचार आया कि क्यों न अपनी ज़िंदगी की इन बेहतरीन यादों को और अधिक स्पेशल बनाया जाए ........क्यों न अपनी  ही ज़िंदगी के उन खास पलों को पेंटिंग्स में रुपांतरित किया जाए.
मेरे इस विचार के पीछे की वज़ह साफ थी कि जब मैं, बुढ़ढा ( बुढ़ऊ ) हो जाऊँगा तो मेरे बच्चे मेरी और मेरी ज़िंदगी के कुछ खास पलों की तस्वीरें देखें और इस बात को समझें कि वाह ! मेरे पिताजी जवानी में कितने रंगीन मिजाज़ थे...... { हा हा हा हा....... }


वैसे हँसी - मज़ाक से परे सच्चाई तो यह है कि जब आपकी ज़िंदगी ही  आपकी कला की प्रेरणा बन जाए तो इससे बेहतर और कुछ नहीं होता ........ आप हर वक़्त पूरी शिद्द्त से यह कोशिश करते हैं कि अपनी ज़िंदगी को भी  आप उतनी ही हसीन बनायें जितनी लगन से आप अपनी पेंटिंग्स को हसीन व खूबसूरत बनाने की ज़द्दोजेहद करते हैं........ वैसे भी कला का असली मतलब अपने Expressions अर्थात अपने भावों को प्रकट करना होता है. और अपनी खुद की ज़िंदगी को पेंटिंग्स में रुपांतरित करना व देखना सच में बेहद अदभुत व खूबसूरत एहसास है..................

आपको 'मेरी ज़िंदगी पेंटिंग्स में' अर्थात 'My Life In Paintings' कैसी लगी........इस पर अपने विचार जरुर प्रकट कीजियेगा........ और जब तक मैं, नई पोस्ट अपडेट न करुँ तब तक अपना ख्याल रखियेगा........ मुझे और मेरे ब्लॉग्स को हर दम हर पल याद रखियेगा........ अपनी ज़िंदगी को खुशहाल रखियेगा........मेरे लिये अपने दिल में थोड़ा सा ही सही मगर प्यार रखियेगा........





























आपके विचारों, टिप्पणियों, सलाहों  के इंतजार के साथ , आपका :
                                                 
                                                                             - ऋषभ शुक्ल


Note : Cigarette smoking is injurious for health


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Comments

  1. मिनाक्षी7 December 2012 at 04:37

    क्या बात ! क्या बात ! क्या बात ! बहुत सुंदर आलेख व कलाकृ्तियाँ...बधाई
    - मिनाक्षी .

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    1. आपकी अनमोल टिप्पणी के लिये आपको हृ्दय से धन्यवाद.

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  2. रुद्र सिंह , भोपाल7 December 2012 at 04:39

    वाह ऋषभ जी ! सच में मैं पूछना चाहूँगा कि आप कहाँ- कहाँ से ऐसे अचंभित कर देने वाले आइडियास लाते हो ......बहुत अच्छी कला व लेखन.....
    आपको आपके भविष्य के लिये शुभकामनायें.
    - रुद्र सिंह , भोपाल.

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    1. आपकी अनमोल टिप्पणी के लिये आपको हृ्दय से धन्यवाद.

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  3. Grand salute brother...... awesome work & interesting approach towards life ..i love this
    - karan saxena

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    1. thanks karan ! your precious comment put a grin on my face ...thanks once again.

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  4. i really adore your life in paintings !!!!!...

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    1. thanks dear reader! plz keep visiting & commenting .....& do mention your name while choosing the profile anonymous. Thanks!

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  5. Rolly gupta, delhi7 December 2012 at 04:59

    i never saw such kind of inspirations & beautifullly execution of art .congr8.
    Rolly gupta, delhi

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    1. thanks rolly ! your precious comment put a grin on my face ...thanks once again.

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  6. मीरा बोस7 December 2012 at 05:02

    ज़िंदगी जीने के अंदाज़ कोई आपसे सीखे..... जिसे जीना नहीं आता वो एक बार तो आपका ब्लाँग जरुर देखे.
    शुभकामनायें और बधाई .
    - मीरा बोस, पुणे, महाराष्ट्र

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    1. आपकी अनमोल टिप्पणी के लिये आपको हृ्दय से धन्यवाद.

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  7. वीना तिवारी7 December 2012 at 05:07

    ऋषभ जी ! आपको किसी की नजर न लग जाए ... आप बहुत प्यारे हैं और बेहद प्यारी - प्यारी बातें करते हैं ....
    मैंने आज पहली बार आपका यह चिट्ठा देखा ...... और इसको बुकमार्क भी कर लिया...मुझे आपका यह चिट्ठा पढ़्ने का मौका मिला ये खुशकिस्मती है मेरी........धन्यवाद्!
    - वीना तिवारी.

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    1. आपका हृ्दय से धन्यवाद , इतनी सुंदर टिप्पणी द्वारा मेरा हौसला बढा़ने के लिये...... कृ्प्या भविष्य में भी मेरा यह ब्लाँग जरुर विसिट करती रहियेगा..... आभार

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  8. Replies
    1. thanks swapnil di! your precious comment put a grin on my face ...thanks once again.

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  9. Fantastic.well done..keep it up .मुझे आपका यह चिट्ठा पढ़्ने का मौका मिला ये खुशकिस्मती है मेरी........धन्यवाद्!

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    1. आपका हृ्दय से धन्यवाद , इतनी सुंदर टिप्पणी द्वारा मेरा हौसला बढा़ने के लिये...... कृ्प्या भविष्य में भी मेरा यह ब्लाँग जरुर विसिट करती रहियेगा..... आभार

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