'Rishabh Arts'


प्रिय   ब्लॉग मित्रों,


सर्वप्रथम आप सबको तहे दिल से शुक्रिया मेरे प्यारे - न्यारे, कड़ुवे व मीठे चिट्ठे [ ब्लॉग] पर अपना प्रेम लुटाने के लिये. आज कल मेरी कलम बहुत फड़फड़ाने लगी है...रात दिन मचलती रहती है... अब उसके पास कुछ काम धंधा तो है नहीं , बस खाली टेबल पर पड़े- पड़े  मुझे रात- दिन घूरती रहती है......वैसे भी खाली दिमाग शैतान का वास तो होता ही है  .... तो लगी एक दिन अपना खडूस पना मुझ पर निकालने ...क्या करुँ बीवी तो अभी है नहीं तो कलम ही बीवी के हिस्से की डांट सुनाने लगी.....पर मुझे उस रात उस पर बड़ा प्रेम आया और मैंने उसको अपने हाथों में ले लिया ..पर देखिये इसमें भी मेरी कलम ने मेरे साथ ही politics  कर डाली ..कागज़ को  पहले ही अपने खेमे में कर रखा था ..फिर क्या हाथ में मैंने अपनी कलम को क्या उठाया कागज़ स्वत: ही मेरी ओर खिंचा चला आया ....ओर मेरी खड़ूस कलम लगभग 1 घंटे तक मुझसे जाने क्या-क्या लिखवाती रही ..... और जानते हैं जब कलम का गुस्सा शांत हुआ और कागज़ को मैंने देखा तो उसमें साफ तौर पर दो नए चिट्ठों की शुरुआत करने की रणनीति तैयार थी . ..... बड़ा क्रोध आया पर भाई जो भी हो प्यार तो अंधा होता है...मेरी कलम मेरा पहला प्यार है...भली है , बुरी है, मीठी है , कड़वी है, खड़ूस है...... जैसी भी है पर सच तो यह है कि मेरी कलम मेरी सच्ची साथी है....सुख- दुख हर पल उसने मेरा साथ निभाया ....वो बेवफा नहीं तो मैं उससे कैसे बेवफाई करुँ? तो बस मेरी रज़ामंदी मेरी कलम के साथ है और मेरी खड़ूस कलम तैयार है अपना जौहर दो नए चिट्ठों पर दिखाने के लिये ...... इंटरनेट रुपी ब्रह्मांड पर छा जाने के लिये ...... अपनी तेज धार से लोगों के होश उड़ाने के लिये.

कृ्प्या कर अपनी राय , टिप्पणियों द्वारा मेरा सहयोग करियेगा .... ताकि धाराप्रवाह , निरंतर चलते रहने की अपनी कलम की इच्छा को पूरा करने का हौसला मुझे मिलता रहे.  अपने नए ब्लॉग्स के बारे में थोड़ा संक्षिप्त विवरण दे रहा हूँ , कृ्प्या ध्यान दें: अब से 'Rishabhinteriors' पर आपको इंटीरियर डिज़ायन जगत, वास्तु व फेंग-शुई से संबंधित जानकारियाँ  प्राप्त होंगी व विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित मेरे स्तंभ व लेख भी इसमें यथासंभव प्रकाशित किये जाएंगे......... इसके अलावा मेरे नए  चिट्ठे [ ब्लॉग ] 'Rishabh Arts'  (www.RishabhArts.blogspot.com )  पर आप कला के विभिन्न पहलुओं को जानेंगे व एक कलात्मक परिवेश में आप ढल जाएंगे .........मेरे एक और  नए  चिट्ठे [ ब्लॉग ] 'Rishabh Views On Modern Society' (www.RishabhViewsOnModernSociety.blogspot.com ) पर आपका साक्षात्कार होगा हमारे आघुनिक समाज में होने वाले बद्लावों, विभिन्न शख्सियतों व हमारे समाज को खोखला करने वाले मुद्दों से.   इस ब्लॉग में Guest Posts का  निष्पक्षता से स्वागत किया जाएगा.
इस उम्मीद के साथ कि आप 'Rishabhinteriors' की ही तरह  'Rishabh Arts' व   'Rishabh Views On Modern Society' पर भी अपने प्रेम की वर्षा करेंगे .....मैं ऋषभ शुक्ल अपनी कलम को विराम देता हूँ. धन्यवाद .

अधिक जानकारी के लिये कृ्प्या निम्न लिंक पर क्लिक करें :  


 www.RishabhArts.blogspot.com
                                                                                                  www.RishabhViewsOnModernSociety.blogspot.com

Comments

  1. nice presentation .... best of luck & best wishes for your new blogs ........

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